नई दिल्ली : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने आम आदमी को बड़ा झटका दिया है। देश की प्रमुख प्राइवेट फ्यूल कंपनी Nayara Energy ने पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की वृद्धि की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते यह फैसला लिया गया है।
ईरान युद्ध से मचा तेल बाजार में हड़कंप
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासतौर पर Iran–Israel conflict escalation 2026 के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। बताया जा रहा है कि 28 फरवरी के बाद से तेल की कीमतों में करीब 50 फीसदी तक वृद्धि दर्ज की गई है। सूत्रों के अनुसार, प्राइवेट फ्यूल कंपनियां लंबे समय से बढ़ती लागत का बोझ झेल रही थीं। सरकारी सहायता न मिलने के कारण अब कीमतों में बढ़ोतरी करना मजबूरी बन गया है। नायरा एनर्जी देशभर में करीब 6,900 से ज्यादा पेट्रोल पंप संचालित करती है, जिससे इस फैसले का असर बड़े स्तर पर देखने को मिलेगा।
सरकारी कंपनियों ने अभी रोके हुए हैं दाम
सरकारी तेल कंपनियां फिलहाल कीमतें स्थिर बनाए हुए हैं, जिनमें शामिल हैं—
- Indian Oil Corporation
- Bharat Petroleum Corporation Limited
- Hindustan Petroleum Corporation Limited
हालांकि इन कंपनियों ने हाल ही में प्रीमियम पेट्रोल और बल्क डीजल के दाम बढ़ाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वैट और स्थानीय टैक्स के कारण अलग-अलग राज्यों में कीमतों का असर अलग दिखेगा। कुछ इलाकों में पेट्रोल की कीमत ₹5.30 प्रति लीटर तक बढ़ सकती है। तेल बाजार में जारी अस्थिरता को देखते हुए आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आम जनता पर महंगाई का बोझ और बढ़ सकता है।

